राइस फोर्टिफिकेशन | Rice Fortification

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और मध्याहन भोजन योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के जरिये मिलने वाला चावल वर्ष 2024 तक फोर्टिफाइड कर दिया जाएगा। यह फोर्टिफाइड चावल कुपोषण से लड़ाई में सहायक साबित होगा। कुपोषण को महिलाओं और बच्चों के विकास में "बाधक" माना जाता है। फूड फोर्टिफिकेशन ऐसी प्रक्रिया है जिसमें भोजन में आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों यानी विटामिन और खनिजों (ट्रेस तत्वों सहित) की मात्रा बढ़ायी जाती है। इसका उद्देश्य खाद्य आपूर्ति की पोषण गुणवत्ता में सुधार करना है। फोर्टिफाइड चावल में विटामिन A, विटामिन B1, विटामिन B12, फोलिक एसिड, आयरन और जिंक पाए जाते हैं। खाद्य मंत्रालय के मुताबिक भारत में हर दूसरी महिला एनीमिक है और हर तीसरा बच्चा अविकसित है। भारत ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI) में 107 देशों में 94वें स्थान पर है और serious hunger' श्रेणी में शामिल है। राइस फोर्टिफिकेशन योजना को पायलट योजना के रूप में 15 राज्यों आंध्रप्रदेश, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, गुजरात, उत्तरप्रदेश, असम, तमिलनाडु, तेलंगाना, पंजाब, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड और मध्यप्रदेश के 15 जिलों शुरू किया गया है। राइस फोर्टिफिकेशन योजना को पायलट योजना के रूप में 15 राज्यों आंध्रप्रदेश, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, गुजरात, उत्तरप्रदेश, असम, तमिलनाडु, तेलंगाना, पंजाब, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड और मध्यप्रदेश के 15 जिलों शुरू किया गया है।खाद्य मंत्रालय के अनुसार, सात देशों ने राइस फोर्टिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया है। ये देश हैं - अमेरिका, पनामा, कोस्टारिका, निकारागुआ, पापुआ न्यू गिनी, फिलीपींस और सोलोमन द्वीप समूह। 

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