Friday, May 13, 2022

Do not do these three things even by forgetting in front of children

Do not do these three things in front of children


Every person should speak very thoughtfully in front of children. Because children are soft like little trees. so as you mold them they will be .

Every person should speak very thoughtfully in front of children. Because children are soft like little trees. so as you mold them they will be . If you are a parent then you should do anything very thoughtfully in front of the children. Because how your child will grow up depends largely on you. So now you know which three things should not be done in front of children.

1. Don't disrespect each other -

parents should take care of respect when talking to each other in front of their children, not only with each other, but also with others. Swearing in front of children can affect the minds of children. Take care of this thing in front of the kids.

2. Avoid lying -

parents should not pretend or lie in front of their children. If you lie in front of them or include them in your lies, your respect in their eyes will be diminished. It is possible that he will start lying to you later. So keep away from them.

3. Insulting someone -

Most of the time parents start arguing with each other in front of the children and bring out the faults of others. In this way parents lose respect in the eyes of their children. Because of this there are times when children do not hesitate to insult you and say bad things. So you have to refrain from doing .


What is your opinion Please Comment .

Thank you.

Monday, March 21, 2022

Chandan choudhary, a resident of Hooghly district, included in the list of top youtubers of West Bengal

Chandan is an art teacher in Indira Gandhi Balika Vidyalaya by profession . His channel Name is Chandan art academy (2.1M + Subscriber ) . He upload art releted video on his channel . This year his channel got 1Billion+ Views on youtube. Currently his channel avarage daily Subscriber 20000+ . 


On March 5, His channel had completed 1 million subscribers. After that in just 15 days his channel increased to 1.5 Million Subscriber. in just few months he included in the list of top youtubers of West Bengal. He got first Gold play button in Hooghly District from Youtube. Now he become Top Youtubers in west bengal.

Let us start with this telented man's most viral videos :



In this video he draw 4 soldier with his four finger at same time. This video his most popular video in Youtube. This Video got 166M+ Views on youtube.

 

In this video he draw Hanuman using his two hand. This video was on youtube no 1 trending for 4 days. This video got 150M+ Views in just 3 days.



in this video he draw 3D illusion video on road. in this video he got 76M+ Views and several comment like ''Telented'' , ''Real Telent sir''.

what are your thougts on videos posted by the Chandan art academy ?

READ MORE :

Tuesday, March 8, 2022

प्रधानमंत्री जन धन योजना पर निबंध | Essay on Pradhan mantri Jan Dhan Yojana in hindi

प्रधानमंत्री जन धन योजना पर निबंध | Essay on Pradhan mantri Jan Dhan Yojana in hindi


भूमिका :  प्रधानमंत्री जन धन योजना गरीबी को ध्यान में रखकर बनाई गई है जिससे उनमें बचत की भावना का विकास हो और साथ साथ उनमें भविष्य की सुरक्षा का एक अहम भाव भी जागे प्रधानमंत्री जन धन योजना केंद्र सरकार का बड़ा और अहम फैसला है जो देश की नीव को मजबूत रखेगा अगर जरूरत पड़ने पर हमारे पास पैसे हो तो हमारी सारी चिंताएं दूर हो जाती है। जीवन में आपात स्थिति कभी-न-कभी सामने आ जाती है। ऐसी स्थिति में अगर हमारे पास पैसा हो तो किसी के भी सामने हाथ फैलाना नहीं पड़ता है। लेकिन आज की पीढ़ी भौतिकतावाद से प्रभावित है। उनके जीवन का मूलमंत्र होता है कमाओ, खाओ और मौज करो लेकिन ऐसा करते समय वे दूरदर्शिता को भूल जाते हैं, भविष्य की चिंता नहीं करते और धन को बर्बाद करते रहते हैं। समझदारी इसी में होती है कि थोडा-थोड़ा पेसा बचाकर बैंक में जमा कराना चाहिए। इसलिए प्रधानमंत्री जन धन योजना गरीब जनता को सशक्त बनाने के लिए चलाई जा रही है। इसमें जिस भी देशवासी का एक भी बैंक अकाउंट नहीं है उनसे बैंक अकाउंट खोलने की अपील की गई है। इसके अलावा अगर कोई भी भारतीय नागरिक अपने पहले से खुले हुए अकाउंट को प्रधानमंत्री जन धन योजना में शामिल करना चाहता है तो वह ऐसा कर सकता है उसे भी वह सभी सुविधाएँ दी जाएँगी जो सभी इस योजना के तहत दी जा रही है।

जन धन योजना : प्रधानमंत्री जन धन योजना भारत देश में financial समावेशन पर एक राष्ट्रिय मिशन है। इस योजना का मुखा उद्देश्य सभी परिवारों का बैंक खाता खुलवाना है। प्रधानमंत्री जी के द्वारा स्वाधीनता दिवस के अवसर पर लाल किले से घोषित प्रधानमंत्री जन धन योजना देश भर के गरीब लोगों को बैंक और अन्य वित्तीय सेवाओं से जोड़ने के लिए एक महत्वकांक्षी परियोजना है। जन धन योजना का आरंभ प्रधानमंत्री जन धन योजना की घोषणा 15 अगस्त, 2014 को हुई थी लेकिन इसका शुभारम्भ 28 अगस्त, - 2014 को भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने किया था। इस योजना की शुरू करने से पहले मोदी जी ने सभी बैंकों को ई-मेल भेजा था जिसमें उन्होंने हर परिवार के लिए एक बैंक खाता जरूरी होने की घोषणा की थी। इस योजना के अंतर्गत सात करोड़ से भी ज्यादा परिवारों को प्रधानमंत्री जन धन योजना में भाग लेने और बैंक खाता खोलने के लिए बैंकों में घोषणा की। प्रधानमंत्री जन धन योजना के उद्घघाटन के दिन ही एक करोड़ पचास लाख खाते खोते गये थे। नए बैंक खातों को खोलने के लिए 60000 कैंप लगाए थे। अधिकारीयों के मुताबिक जन धन सिर्फ बैंक खाता नहीं है बल्कि इसके साथ लेनदेन को कैशलेस और अर्थव्यवस्था को डिजिटल बनाने की शुरुआत हो रही है। खाता खुलवाने के लिए आवश्यक सामग्री अगर आपके पास आधार कार्ड या आधार संख्या उपलब्ध है तो आपको बैंक खाता खुलवाने के लिए कोई अन्य कागज की जरूरत नहीं पड़ती है। अगर आपके पास आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है तो आपको कानूनी दावेजों की जरूरत पड़ती है जैसे ड्राइविंग लाइसेंस मतदाता पहचान पत्र पैन कार्ड, पासपोर्ट अथवा नरेगा कार्ड आदि। अगर आपका पता बदल गया है तो अपने वर्तमान पते को खुद के द्वारा प्रमाणित करके देना आवश्यक होता है।

जन धन योजना के लाभ : इस योजना में लाख रुपए का बीमा होगा जो विपत्ति के समय पर परिवार की बहुत मदद करेगा। घर से बाहर नौकरी करने वाले लोग आसानी से पैसा घर पर भेज सकेंगे। ग्रामीण व पिछड़े इलाकों में लोगों की बचत और वित्तीय सुरक्षा भी बढ़ेगी। इस योजना के तहत जिनके पास आधार कार्ड या कोई अन्य पहचान नहीं है उसका पहचान पत्र बनाया जाएगा। किसानों आम जनता और अन्य ग्रामीण लोगों के लिए कृषि जैसे अन्य कारणों के लिए लोन लेना सरल हो जाएगा। भारत में नकद धन का कम प्रयोग होगा जिससे काले धन पर नियंत्रण लगेगा और सरकार का खर्च भी बच जाएगा इसके साथ-साथ आमदनी भी बढ़ेगी। इस योजना के तहत छ: महीने तक संतोषजनक परिचालन के बाद ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी दी जाएगी। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण लोग भी वित्तीय सुविधाओं जैसे- इंश्योरेंस, वाहन लोन, गृह लोन, फसल बीमा आदि से जुड़ सकेंगे। हर परिवार की महिला के लिए केवल एक खाते में 5000 रुपए तक की ओवरड्राफ्ट की सुविधा उपलब्ध है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 30000 रुपए तक का जीवन बीमा व्यक्ति को उसकी मृत्यु पर सामान्य शर्तों की प्रतिपूर्ति पर ही देय होगा। डेबिट कार्ड और नए मोबाइल इंटरनेट से ग्रामीण भारत के लोग भी दुनिया से जुड़ेंगे और विश्व के किसी भी शहर, बाजार से अपने लिए औजार और सामान खरीद सकेंगे। लोगों को सरकार से मिलने वाली आर्थिक राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में होगा जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और लोगों को पूरी राशि समय पर मिलेगी। लोगों में बचत की समझ और प्रवृत्ति बढ़ेगी जिससे वह आर्थिक रूप से ज्यादा सक्षम और आत्म निर्भर बनेगा। भारतियों का अधिक से अधिक चालीस फीसदी प्रतिदिन एक डॉलर से भी कम पर अपना जीवन व्यतीत करते हैं प्रधानमंत्री जन धन योजना के इस तरह के जीवन को सुधारने तथा उनमें सुरक्षा के भाव को जगाने के लिए बनाई गई है।

जन धन योजना की हानियाँ: सभी वाक्यों के दो पहलू है इस प्रधानमंत्री जन धन योजना के भी कुछ दुष्परिणाम है जिनमें से एक हैं पुनर्प्राप्ति एवम ऋण संग्रह। अब इस प्रधानमंत्री जन धन योजना के कारण ऋण लेने वाले उधारकर्ता न्यूनतम राशि उधार लेंगे जो कि अधिक मात्रा में होगी जिसका असर व्यापारिक तथा उच्च सामाजिक गतिविधियों पर होगा। सभी का ब्यौरा रखना भी मुश्किल होगा। इससे बैंक के सिस्टम भी काफी प्रभावित होंगे जिसके लिए उन्हें अभी से तैयार होना जरूरी है तथा उचित वित्तीय नियम बनाना भी जरूरी है ताकि उधार की राशि आसानी से रिकवर की जा सके। अगर उधारकर्ता से ऋण एकत्र करने की कोई व्यवस्था नहीं बनाई गई है तो इस योजना का मूल उद्देश्य विफल हो जायेगा और बनाए गए अकाउंट निष्क्रियता की स्थिति में चले जायेंगे।
जिस तेजी से बैंकों में अकाउंट ओपन हो रहे हैं अगर उसी तेजी से इस योजना पर काम नहीं किया गया तो यह योजना व्यवस्था वित्तीय प्रणाली को संकट में डाल देगी इसका देश की अर्थव्यवस्था पर बहुत भारी प्रभाव होगा।

जन धन योजना की मुख्य सेवाएं : प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खाता धारकों को 30000 रूपए की न्यूनतम राशि का जीवन बीमा दिया जाएगा इसके साथ लाख का एक्सीडेंटल बीमा भी दिया जायेगा। गरीब लोगों को आपत्ति के समय पैसे के लिए साहूकार पर निर्भर होना पड़ता है जिस कारण साहूकार उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे मनचाहा ब्याज लेते हैं और गरीब कभी उस कर्ज से मुक्त नहीं हो पाता है। लेकिन प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खाता धारी छः महीने के अन्तराल में 5000 रूपए की राशि को सीधे बैंक से लोन के रूप में प्राप्त कर सकता है। अन्य बचत खाते के लिए खाताधारी को कुछ राशि बैंक खाते में जमा करवाना अनिवार्य होता है यह राशि खाताधारी की ही होती है। लेकिन गरीबों की स्थिति को ध्यान रखकर प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खाते बिना किसी राशि के खोले जा रहे हैं जिन्हें जीरो बैलेंस सुविधा कहा जाता है।
अन्य प्रकार के एटीएम कार्ड की तरह प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खाताधारी को भी रूपए कार्ड की सुविधा प्रदान की जा रही है यह कार्ड भी अन्य एटीएम कार्ड की तरह ही काम करता है। रूपए कार्ड की सहायता से खाताधारी किसी भी बैंक एटीएम से रूपए निकाल सकता है। इस कार्ड को एक महीने में चार बार प्रयोग किया जा सकता है लेकिन अगर आप चार बार से अधिक प्रयोग करते हैं तो आपको कुछ रुपयों का भुगतान करना पड़ता है। अन्य खातों की तरह ही प्रधानमंत्री जन धन खाते की सभी जानकारी को मोबाइल पर मेसेज के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए किसी भी महंगे फोन की आवश्यकता नहीं होती है यह सुविधा साधारण फोन पर भी उपलब्ध होती है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खाता 10 वर्ष से अधिक आयु का बालक या बालिका द्वारा खोला जा सकता है जिसकी देख-रेख उनके माता-पिता द्वारा की जा सकती है। अगर किसी का पहले से ही कोई खाता खुला हुआ है तो वह उस खाते को प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत ट्रांसफर करवा सकता है जिससे वो प्रधानमंत्री जन धन योजना के सारे लाभ उठा सके। किसी भी बैंक में खाता खोलने के लिए एक उचित परिचय पत्र की जरूरत पड़ती है लेकिन अगर किसी के पास यह पत्र नहीं है तो प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अपना खाता खोल सकता है जिसमें कोई भी गजेटेड ऑफिसर द्वारा सत्यापित प्रमाण पत्र बैंक में जमा करवाकर खाता खोला जा सकता है जिसे लो रिस्क अकाउंट की गिनती में गिना जाता है और इसे स्माल अकाउंट भी कहा जाता है। इसे एक साल की अवधि तक सुचारू रखा जाएगा इस एक साल में खाताधारी को कोई भी उचित परिचय पत्र बैंक में जमा करना होता है।

उपसंहार : प्रधानमंत्री जन धन योजना में सभी भारत के देशवासियों में बढ़-चढ़ कर भाग लिया है। आज के समय में करोड़ों की तादात में अकाउंट खोले जा चुके है। अब हमें यह देखना है कि यह योजना किस प्रकार देश के विकास में सहयोगी बनती है। इस योजना की सफलता का आंकलन एक या दो साल बाद ही किया जा सकता है। एक खाता ग्राहकों और बैंकों दोनों के लिए तभी उपयोगी है जब इसका प्रयोग किया जाए। बैंकों के द्वारा पहले खोले गये बहुत से नोफिल बेसिक खाते बेकार साबित हुए हैं क्योंकि उन्होंने पाया कि इनमें बहुत अधिक लेनदेन नहीं हुए। सारे ग्रामीणों के द्वारा यदि लेनदेन इसी के द्वारा होगा तो यह समावेशन के काम को पूरा करने का बहुत ही अच्छा तरीका है। किसानों को दिया जाने वाला समर्थन मूल्य का भुगतान मनरेगा की मजदूरी अनिवार्य रूप से इन्हीं खातों में किया जाए वित्तीय समावेशन तभी अच्छी तरह से काम करेगा जब सभी प्रकार की सबसीडी कैश ट्रांसफर के माध्यम से दी जाने लगेगी। केवल बैंक खातों को खोलना ही वित्तीय समावेशन नहीं है।

DOWNLOAD IGNOU BA Honours Political Science (BAPSH) Free Solved Assignment 2021-2022 in English

DOWNLOAD IGNOU BA Honours Political Science (BAPSH) Free Solved Assignment 2021-2022 in English

If you are looking for IGNOU BA Political science(BAPSH) free Assignment then you have come to the right place. Here you will be given all the assignment of BAPSH for free. Indira Gandhi National Open University had recently uploaded the assignments of the current session for BAPSH Programme for the year 2021-22. all assignment prepared by best faculty.

These are just the sample of the Answers/Solutions to some of the Questions given in the Assignments. These Sample Answers/Solutions are prepared by Private Teacher/Tutors/Authors for the help and guidance of the student to get an idea of how he/she can  answer the Questions given the Assignments. We do not claim 100% accuracy of these sample  answers as these are based on the knowledge and capability of Private Teacher/Tutor. Sample answers may be seen as the Guide/Help for the reference to prepare the answers of the Questions  given in the assignment. As these solutions and answers are prepared by the private teacher/tutor so  the chances of error or mistake cannot be denied. Any Omission or Error is highly regretted though  every care has been taken while preparing these Sample Answers/Solutions. Please consult your own Teacher/Tutor before you prepare a Particular Answer and for up-to-date and exact information, data and solution. Student should must read and refer the official study material provided by the university.

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BPSC 101

Understanding Political Theory

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BPSC 102

Constitutional Government and Democracy in India

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BPSC 103

Political Theory-Concepts and debates

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BPSC 104

Political Process in India

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BPSC 105

Introduction to Comparative Government and Politics

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BEVAE 181

Environmental Studies

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BPSC 107

Perspectives on International Relations and World History

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BPSC 109

Political Processes and Institutions in Comparative Perspective

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BPSC 110

Global Politics

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BPSC 112

Indian Political Thought-I

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BPSC 113

Modern Political Philosophy

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BPSC 114

Indian Political Thought- II

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BGDG 172

Gender Sensitization: Society and Culture

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BSOG 171

Indian Society: Images and Realities

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BSOS 184

Techniques Of Ethnographic Film Making

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BSOG 173

Rethinking Devlopment

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BPAG 174

Sustainable Development

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BPAC 108

Public Policy and Administration in India

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BPAC 101

Global Politics

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Monday, March 7, 2022

Top 10 Fun Facts about you

1. You can't see your ears without mirror.
2. You can't count your hair.
3. You can't breathe through nose, With your Tongue out.
4. You just Tried no 3.
6. When you did no 3 then you realised that is possible. Only you look like Dog.
7. You are smiling right now because you were fooled.
8. You skipped no 5.
9. You just checked to see if there is no.5.
10. Share this with yours friends so they can have some .


Thanks for Reading ❤️

Friday, December 17, 2021

Concept of Parliamentary supremacy | IGNOU BPSC 105 Assignment solution (2021-2022)

Concept of Parliamentary supremacy | IGNOU BPSC 105 Assignment solution (2021-2022)

Parliamentary sovereignty (also called parliamentary supremacy or legislative supremacy) is a  concept in the constitutional law of some parliamentary democracies. It holds that the legislative  body has absolute sovereignty and is supreme over all other government institutions, including  executive or judicial bodies. It also holds that the legislative body may change or repeal any previous  legislation and so it is not bound by written law (in some cases, even a constitution) or by precedent. In some countries, parliamentary sovereignty may be contrasted with separation of powers, which  limits the legislature's scope often to general law-making, and judicial review, where laws passed by  the legislature may be declared invalid in certain circumstances. Many states have sovereign legislatures, including the United Kingdom, Finland, the Netherlands,  New Zealand, Sweden, Norway, Denmark, Iceland, Barbados, Jamaica, Papua New Guinea, Israel, and the Solomon Islands.

In political philosophy, the concept is also called parliamentarianism or parliamentarism.



Working of federalism in Nigeria | IGNOU BPSC 105 Assignment soloution

Working of federalism in Nigeria | IGNOU BPSC 105 Assignment soloution

Federalism in Nigeria refers to the devolution of self-governance by the West African nation of  Nigeria to its federated states, who share sovereignty with the Federal Government. Federalism in Nigeria can be traced to Sir Frederick Lord Lugard , when the Northern and Southern protectorates were amalgamated in 1914. 

Federalism is a system of government in which governmental powers that exists in a country are  shared between central government and component region. It is also defined as the system of  government in which governmental powers are shared between the component units and the central overnment, i.e. the federal government and its components (state and local government) Bernard Bourdillon the Governor-general at that time initiated and laid the foundation of federalism  in Nigeria in 1939 by creating three provinces. He later handed over the constitution to his successor  Arthur Richards and it became the Richards Constitution of 1946. At the beginning of formal British indirect rule in 1901, Nigeria was divided into two regions: Northern and Southern, both of which  were divided into provinces. From 1901 to 1958, the number of regions was increased to three  through both acquisition of territories and partition from existing provinces. However, while native born chiefs and clerks were appointed to govern the provinces, the regions were governed by the  British-appointed colonial authorities. Such regions were made dependent upon the colonial  authorities for martial law, manpower and management of resources. 

With the approach of independence, power over the regions was given to Nigerian-born citizens, and regional legislatures were established. By the time that Nigeria had declared itself a republic and replaced the post of Governor-General with the post of President, a national bicameral parliament  was established and the country was considered a federation of the three regions. The Mid-Western  Region was formed from the Western Region in 1966, and Lagos, the capital, was effectively governed  as an unofficial fourth region outside the bounds of the Western Region.


short note on 'Anarcho-Socialism' | 'Anarcho-Socialism' Definition, history | BPSC 105 assignment Solotion

short note on 'Anarcho-Socialism' |  'Anarcho-Socialism' Definition, history | BPSC 105 assignment Solotion

 Libertarian socialism, also referred to as anarcho-socialism, anarchist socialism, free socialism,  stateless socialism, socialist anarchism and socialist libertarianism, is an anti-authoritarian, anti-statist and libertarian political philosophy within the socialist movement which rejects the state socialist  conception of socialism as a statist form where the state retains centralized control of the economy. 

Overlapping with anarchism and libertarianism, libertarian socialists criticize wage slavery  relationships within the workplace, emphasizing workers' self-management and decentralized  structures of political organization. As a broad socialist tradition and movement, libertarian socialism  includes anarchist, Marxist and anarchist or Marxist-inspired thought as well as other left-libertarian  tendencies. Anarchism and libertarian Marxism are the main currents of libertarian socialism. Libertarian socialism generally rejects the concept of a state and asserts that a society based on freedom and justice can only be achieved with the abolition of authoritarian institutions that control  certain means of production and subordinate the majority to an owning class or political and  economic elite. Libertarian socialists advocate for decentralized structures based on direct democracy  and federal or confederal associations such as citizens'/popular assemblies, cooperatives, libertarian municipalism, trade unions and workers' councils. This is done within a general call for liberty and  free association through the identification, criticism and practical dismantling of illegitimate authority  in all aspects of human life. Libertarian socialism is distinguished from the authoritarian and vanguardist approach of Bolshevism/Leninism and the reformism of Fabianism/social democracy.

A form and socialist wing of left-libertarianism, past and present currents and movements commonly described as libertarian socialist include anarchism (especially anarchist schools of thought such as  anarcho-communism, anarcho-syndicalism, collectivist anarchism, green anarchism, individualist  anarchism, mutualism and social anarchism) as well as communalism, some forms of democratic socialism, guild socialism, libertarian Marxism (autonomism, council communism, left communism  and Luxemburgism, among others), participism, revolutionary syndicalism and some versions of  utopian socialism